सभ्यता अध्ययन केंद्र द्वारा एक त्रैमासिक शोध पत्रिका सभ्यता संवाद का प्रकाशन किया जा रहा है। इसमें हिन्दी भाषा में विवेचनात्मक, समीक्षात्मक, आलोचनात्मक तथा शोध आलेखों का प्रकाशन किया जाता है। इसका प्रकाशन वर्ष 2019 में प्रारंभ हुआ था और तब से यह नियमित प्रकाशित किया जा रहा है। अत्यंत अल्प समय में ही सभ्यता संवाद ने देश के विद्वत् वर्ग में अपना स्थान बना लिया है। सभ्यता संवाद का प्रत्येक अंक एक केन्द्रीय विषय पर आधारित होता है। उस विषय से सम्बद्ध शोध आलेख, उस विषय से संबंधित पुस्तकों की समीक्षा, उस विषय पर विशद कार्य करने वाले व्यक्ति विशेष का परिचय इत्यादि इसमें प्रकाशित किए जाते हैं। पत्रिका के सभी पुराने अंक पीडीएफ रूप में हमारी वेबसाइट पर भी उपलब्ध हैं। पत्रिका घर बैठे मँगवाई जा सकती है। इसके लिए शुल्क हमारी वेबसाइट पर ऑनलाइन जमा किया जा सकता है।

देश में आज सामान्य प्रसव दुर्लभ होता जा रहा है। सिजेरियन यानी पेट चीर कर प्रसव कराना अधिक सहज प्रतीत हो रहा है। प्रश्न उठता है कि सिजेरियन प्रसव का दूरगामी प्रभाव क्या है? इस प्रश्न का उत्तर ढूंढने के लिए ही यह मातृत्व स्वास्थ्य सर्वेक्षण किया जा रहा है। इस लिंक पर क्लिक करके गूगल फार्म पर जाएं और अपने उत्तर तथा अनुभव हमसे साझा करें। यह सर्वेक्षण शुद्ध रूप से अकादमिक कार्य हेतु किया जा रहा है। यहाँ आपके द्वारा दी गई जानकारियां सर्वथा गोपनीय रहेंगी और शोध के अतिरिक्त उनका कोई अन्य उपयोग नहीं किया जाएगा।