केंद्र द्वारा किए जा रहे शोध कार्यों से तैयार पुस्तकों का प्रकाशन और उनका प्रचार-प्रसार एक बड़ा कार्य है। केंद्र से जुड़े शोधार्थियों द्वारा समय-समय पर सामयिक प्रश्नों पर गंभीर और मौलिक लेखन किया जाएगा जिन्हें केंद्र प्रकाशित करेगा। वर्तमान में ‘भारत-चीन संबंध, इतिहास और वर्तमान’ पर एक पुस्तक तैयार की जा रही है। एक पुस्तक भारत के पाँच हजार वर्ष के आर्थिक इतिहास पर तैयार की जा रही है। एक पुस्तक ‘विश्व सभ्यता – एक भारतीय दृष्टि’ पर भी तैयार की जा रही है। प्राचीन भारत में भूगोल पर भी एक पुस्तक तैयार करने की योजना है।
ऐसी अनेक पुस्तकें हैं जो काफी समय पहले लिखी गईं थीं और वे अभी भी बहुत काम की हैं। परंतु उनमें से बहुत सी पुस्तकें आज केवल ऑनलाइन पीडीएफ में ही उपलब्ध हैं। उनमें से कुछेक महत्वपूर्ण पुस्तकों को प्रकाशित करना केंद्र की योजनाओं में शामिल है।
देश में आज सामान्य प्रसव दुर्लभ होता जा रहा है। सिजेरियन यानी पेट चीर कर प्रसव कराना अधिक सहज प्रतीत हो रहा है। प्रश्न उठता है कि सिजेरियन प्रसव का दूरगामी प्रभाव क्या है? इस प्रश्न का उत्तर ढूंढने के लिए ही यह मातृत्व स्वास्थ्य सर्वेक्षण किया जा रहा है। इस लिंक पर क्लिक करके गूगल फार्म पर जाएं और अपने उत्तर तथा अनुभव हमसे साझा करें। यह सर्वेक्षण शुद्ध रूप से अकादमिक कार्य हेतु किया जा रहा है। यहाँ आपके द्वारा दी गई जानकारियां सर्वथा गोपनीय रहेंगी और शोध के अतिरिक्त उनका कोई अन्य उपयोग नहीं किया जाएगा।