जनजातीय देव लोक और धार्मिक परंपराएं (दो दिवसीय संगोष्ठी)
- November 12, 2022
- Posted by: admin
- Category: पूर्व-कार्यक्रम
यह सं गोष्ठी सेंटर फॉर सिविलाइजेशनल स्टडीज, इं दिरा गाँधी राष्ट्रीय कला कें द्र
(आईजीएनसीए), राँची तथा राँची विश्वविद्यालय द्वारा सं युक्त रूप से आयोजित की
जाएगी।
जनजातीय देव-लोक और धार्मिक परंपराए लिंक – Janjatiye Devlok Brochure-Nov-2022-final2
देश में आज सामान्य प्रसव दुर्लभ होता जा रहा है। सिजेरियन यानी पेट चीर कर प्रसव कराना अधिक सहज प्रतीत हो रहा है। प्रश्न उठता है कि सिजेरियन प्रसव का दूरगामी प्रभाव क्या है? इस प्रश्न का उत्तर ढूंढने के लिए ही यह मातृत्व स्वास्थ्य सर्वेक्षण किया जा रहा है। इस लिंक पर क्लिक करके गूगल फार्म पर जाएं और अपने उत्तर तथा अनुभव हमसे साझा करें। यह सर्वेक्षण शुद्ध रूप से अकादमिक कार्य हेतु किया जा रहा है। यहाँ आपके द्वारा दी गई जानकारियां सर्वथा गोपनीय रहेंगी और शोध के अतिरिक्त उनका कोई अन्य उपयोग नहीं किया जाएगा।