श्री धीप्रज्ञद्विवेदी
सभ्यता अध्ययन केंद्र के सह निदेशक श्री धीप्रज्ञद्विवेदीएक पर्यावरणविद्, लेखक तथा शिक्षक हैं। केंद्र की त्रैमासिक शोध पत्रिका सभ्यता संवाद के कार्यकारी संपादक हैं। अनेक सामाजिक संस्थाओं में सक्रिय हैं।
उन्होंने पर्यावरण विज्ञान में स्नातकोत्तर किया है तथा पर्यावरण विज्ञान में ही यूजीसी नेट परीक्षा उत्तीर्णकी है। वर्तमान में विभिन्न कोचिंगों से जुड़करप्रतियोगी छात्रों को पढ़ा रहे हैं।
श्री द्विवेदी स्वदेशी पत्रिका के संपादन विभाग में कई वर्षों तक कार्य करते रहे हैं। स्वस्थ भारत अभियान के संस्थापक न्यासी रहते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र में जागरूकता के लिए काफी काम किया है। प्रतियोगी विषयों पर आपकी कई पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं जिनमें प्रमुख हैं – 1. शिक्षण और अनुसंधान योग्यता, 2. पर्यावरण विज्ञान।
श्री द्विवेदी पर्यावरण तथा भारतीय ज्ञान परंपरा पर नियमित लेखन करते हैं। योजना, कुरूक्षेत्र, बाल भारती, स्वदेश, युगवार्ता, हरिभूमि, हिंदुस्तान, भारतवार्ता, आर्यावर्त, पुरवाई (लंदन), सर्वभाषा ट्रस्ट, स्वस्थ भारत, बिहार बोले जैसी विभिन्न पत्रिकाओं, समाचार पत्रों और वेबसाइटों में बड़ी संख्या में उनके आलेख और शोधपत्र प्रकाशित हुए हैं।
देश में आज सामान्य प्रसव दुर्लभ होता जा रहा है। सिजेरियन यानी पेट चीर कर प्रसव कराना अधिक सहज प्रतीत हो रहा है। प्रश्न उठता है कि सिजेरियन प्रसव का दूरगामी प्रभाव क्या है? इस प्रश्न का उत्तर ढूंढने के लिए ही यह मातृत्व स्वास्थ्य सर्वेक्षण किया जा रहा है। इस लिंक पर क्लिक करके गूगल फार्म पर जाएं और अपने उत्तर तथा अनुभव हमसे साझा करें। यह सर्वेक्षण शुद्ध रूप से अकादमिक कार्य हेतु किया जा रहा है। यहाँ आपके द्वारा दी गई जानकारियां सर्वथा गोपनीय रहेंगी और शोध के अतिरिक्त उनका कोई अन्य उपयोग नहीं किया जाएगा।