डॉ. धर्मवीर शर्मा
सभ्यता अध्ययन केंद्र के अध्यक्षव डॉ. धर्मवीर शर्मा एक प्रसिद्ध पुरातत्त्वविद् तथा इतिहासज्ञ हैं। भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण, भारत सरकार में निदेशक रहे हैं। भारतीय स्मारक प्राधिकरण, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार में सलाहकार रहे हैं। इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कलाकेंद्र, नई दिल्ली में सलाहकार रहे हैं। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग में सलाहकार रहे हैं।
डॉ. धर्मवीर शर्मा ने इतिहास में स्नातकोत्तर करने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से एम.फिल. तथा आगरा विश्वविद्यालय से पीएचडी किया। इंस्टीट्यूट ऑफ आर्कियोलॉजी, नई दिल्ली से पुरातत्त्व में पी.जी. डिप्लोमा किया और ईरान हाउस, नई दिल्ली से फारसी भाषा में प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम की भी पढ़ाई की। डॉ. शर्मा डीएवी कॉलेज, हसनगढ़, हरियाणा में इतिहास पढ़ाते रहे हैं।
भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण में डॉ. शर्मा पूर्वी भारत के निदेशक तथा एंटीक्विटी विभाग के निदेशक रहे हैं। भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण में रहते हुए डॉ. धर्मवीर शर्मा ने फतेहपुर सीकरी, श्रृंगवेरपुर, अयोध्या जैसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के स्थानों तथा हरियाणा एवं दिल्ली में अनेक महत्त्वपूर्ण खुदाइयां की हैं। डॉ. शर्मा सनौली की खुदाई से भी जुड़े रहे हैं और वहाँ से प्राप्त सामग्रियों की उन्होंने प्रामाणिक व्याख्या की है। डॉ. शर्मा सिंधु घाटी सभ्यता की खुदाई से भी जुड़े रहे हैं और उसकी लिपि को डिकोड करने का भी प्रयास किया है।
डॉ धर्मवीर शर्मा ने यूएसए, फ्रांस, चीन, ईरान आदि देशों की यात्राएं की हैं और पुरातत्त्व से जुड़े अनेक प्रदर्शनियों तथा सम्मेलनों में सहभागिता की है।
डॉ. शर्मा ने पुरातत्त्व से जुड़े विषयों पर अनेक पुस्तकों का लेखन किया है। उनकी कुछ प्रमुख पुस्तकें हैं – 1 द आर्कियोलॉजी ऑफ अकबर्स इबादतखाना एट फतेहपुर सीकरी, 2. आर्कियोलॉजी ऑफ फतेहपुर सीकरी : न्यू डिस्कवरीज, 3. कोस मीनार इन हिस्ट्री एंड आर्किटेक्चर। इसके अतिरिक्त उनके लगभग 60 शोध प्रबंध विभिन्न राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं।
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