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रवि शंकर, निदेशक, सभ्यता अध्ययन केंद्र

यूरोपीय सभ्यता के आधार को जानना हो तो पहले उनकी सभ्यता को समझना होगा, उसका इतिहास-भूगोल भी जानना होगा। यूरोप के इतिहास-भूगोल को यदि हम पढ़ें, तो पिछले दो हजार वर्ष के यूरोप को सभ्य कहना कठिन हो जाता है। हो सकता है कि यूरोप कभी सभ्य रहा हो, परंतु पिछले दो हजार वर्ष से वहाँ असभ्यता का ही राज है। उनकी वह असभ्यता अभी समाप्त नहीं हुई है, हालाँकि वहाँ इसकी समझ अवश्य विकसित होने लगी है।

मातृत्व स्वास्थ्य सर्वेक्षण प्रपत्र


देश में आज सामान्य प्रसव दुर्लभ होता जा रहा है। सिजेरियन यानी पेट चीर कर प्रसव कराना अधिक सहज प्रतीत हो रहा है। प्रश्न उठता है कि सिजेरियन प्रसव का दूरगामी प्रभाव क्या है? इस प्रश्न का उत्तर ढूंढने के लिए ही यह मातृत्व स्वास्थ्य सर्वेक्षण किया जा रहा है। इस लिंक पर क्लिक करके गूगल फार्म पर जाएं और अपने उत्तर तथा अनुभव हमसे साझा करें। यह सर्वेक्षण शुद्ध रूप से अकादमिक कार्य हेतु किया जा रहा है। यहाँ आपके द्वारा दी गई जानकारियां सर्वथा गोपनीय रहेंगी और शोध के अतिरिक्त उनका कोई अन्य उपयोग नहीं किया जाएगा। सर्वेक्षण प्रपत्र

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