काकोरी प्रतिरोध शताब्दी वर्ष समारोह (मध्य प्रदेश में जनजातियों का क्रांतिकारी आंदोलन) – काकोरी प्रतिशोध शताब्दी वर्ष समारोह संपन्न
महू। दिनांक 4 अक्टूबर 2024 को डॉ.बी. आर.अंबेडकर समाज विज्ञान विश्वविद्यालय महू एवं भेरूलाल पाटीदार शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय महू दोनों के सामूहिक तत्वाधान में अंबेडकर विश्वविद्यालय में काकोरी (कांड)विमर्श एवं रानी दुर्गावती की 500वीं जन्म जयंती की पूर्व संध्या पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। मां सरस्वती की पूजा, अर्चना से कार्यक्राम का शुभारंभ हुआ। सर्वप्रथम सभ्यता अध्यन केंद्र नई दिल्ली के निदेशक श्री रवि शंकरजी ने विषय की प्रस्तावना रखते हुए सभी अतिथियों को संबोधित किया। मुख्य वक्ता डॉ. आनंद वर्धन ने काकोरी प्रतिशोध जिसे इतिहास में काकोरी काण्ड कहा जाता हैं, उसका वास्तविक उद्देश्य और सच्चाई क्या है , इस विषय पर अपना उद्बोधन दिया। विशेष वक्ता डॉक्टर रेखा नागर ने रानी दुर्गावती के जीवन चरित्र पर अपने विचार व्यक्त किए । मुख्य चिंतन डॉ. अखिलेश चंद्र शर्मा नेआर्य समाज और भारत के मूलनिवासी विषय को लेकर सभा को सम्बोधित किया। क्षेत्रीय विधायक सुश्री उषा ठाकुर जी ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि हमारे गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों का जीवन चरित्र सभी भारत वासियों तक पहुंचे इस हेतु हमें प्रयास करने चाहिए, सनातन संस्कृति कासंरक्षण हम सबका दायित्व है। विश्व विद्यालय के कुलगुरू डॉ. रामदासजी अतराम ने अध्यक्षीय भाषण में कार्यक्रम की भूरी -भूरी प्रशंसा की। कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. प्रवीण ओझा, अर्चना जैन, डॉ. संजय सोहनी, डॉ. मनीषा सक्सेना, डॉ. प्रदीप कुमार, पूर्व जन भागीदारी अध्यक्ष श्री संतोष पाटीदार, विधायक प्रतिनिधि श्री महेश यादव और बड़ी संख्या में प्राध्यापक गण एवम विद्यार्थी सम्मिलित हुए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनोज गुप्ता एवम डॉ. अनिता सोलंकी ने किया तथा आभार डॉ. मदन वास्केल ने व्यक्त किया।
देश में आज सामान्य प्रसव दुर्लभ होता जा रहा है। सिजेरियन यानी पेट चीर कर प्रसव कराना अधिक सहज प्रतीत हो रहा है। प्रश्न उठता है कि सिजेरियन प्रसव का दूरगामी प्रभाव क्या है? इस प्रश्न का उत्तर ढूंढने के लिए ही यह मातृत्व स्वास्थ्य सर्वेक्षण किया जा रहा है। इस लिंक पर क्लिक करके गूगल फार्म पर जाएं और अपने उत्तर तथा अनुभव हमसे साझा करें। यह सर्वेक्षण शुद्ध रूप से अकादमिक कार्य हेतु किया जा रहा है। यहाँ आपके द्वारा दी गई जानकारियां सर्वथा गोपनीय रहेंगी और शोध के अतिरिक्त उनका कोई अन्य उपयोग नहीं किया जाएगा।